तन और मन दोनों का रखें ध्यान

हमें तन और मन दोनों की सेहत का ध्यान रखना चाहिए यानी शरीर और मन दोनों का स्वस्थ रहना आवश्यक है। दोनों में से एक भी बीमार हुआ तो असर दोनों पर ही पड़ेगा क्योंकि शरीर और मन दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं।

शारीरिक बीमारियाँ तो हमें दिखती हैं तो डॉक्टर के पास चले जाते हैं पर हमारा मन भी बीमार हो सकता है ये ना तो हम जानते हैं और जान भी गए तो मानना नहीं चाहते। शहरों के लोग शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर कुछ जागरूक हुए हैं और वे अपना हेल्थ चेकअप करवाने लगे हैं।

लेकिन आज भी मानसिक स्वास्थ्य की बातें हम खुलकर नहीं कर पाते जबकि छोटे बच्चे तक आज डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य यानी अवसाद, डिप्रेशन, तनाव, चिंता जैसी समस्याओं से मुक्ति की क्षमता होनी जरूरी है।

आजकल बच्चों पर पढ़ाई और करियर का प्रेशर है, युवा ऑफिस के प्रेशर से जूझ रहे हैं, और महिलाएँ घर और नौकरी के दबाव को संभालते हुए मानसिक तनाव का शिकार हो रही हैं। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना भी उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति।

कोविड के बाद आत्महत्या और हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि हुई है, जिसका कारण मानसिक दबाव और अकेलापन हो सकता है। हमारे समाज में मानसिक रोगों के बारे में बात करना अभी भी वर्जित माना जाता है, जबकि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को समझना और उनका इलाज कराना उतना ही आवश्यक है जितना कि शारीरिक रोगों का।

मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करने के लिए हमें अपने परिवार, दोस्तों या मानसिक स्वास्थ्य प्रोफेशनल से खुलकर बात करनी चाहिए। योग, मेडिटेशन, संगीत, नृत्य, और कला जैसी गतिविधियाँ मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक होती हैं।

ऋतु को साधुवाद जिसने इस दिशा में काम शुरू किया है और एक एप बनाकर लोगों को मानसिक रोगों के बारे में जागरूक करने और सही इलाज पाने में सहायता करने का प्रयास किया है।

Engagement & Share

Comments 0

No comments yet.

Be the first to share your thoughts on this post!

Leave a Comment

Your email address and phone number will remain private. Required fields are marked *

Comments are moderated prior to publishing

Login Required

Please log in to your account to like this blog post and join our community.

Book Appointment Connected Library